जनाब वो सबसे पहले था और सबसे बाद हो गया,
सर पर ताज होने के बाद भी बादशाह बर्बाद हो गया,
लेता था वह सांस महलों में अब साँसों का मोहताज हो गया,
खुदा समझता था वह खुद को फिर भी जलके खाक हो गया ।


जनाब वो सबसे पहले था और सबसे बाद हो गया,
सर पर ताज होने के बाद भी बादशाह बर्बाद हो गया,
लेता था वह सांस महलों में अब साँसों का मोहताज हो गया,
खुदा समझता था वह खुद को फिर भी जलके खाक हो गया ।