जलजला बढ़ता गया,

आशियाँ ढहता गया,

शाहिल भी डूबता गया,

वस्ल भी बहता गया,

शोखियाँ बढ़ सा गया,

मैं दौड़कर भागता गया,

आया याद अचानक मुड़ गया,

खत उसका पीछे रह गया ।