"हां मैं तुमसे हार गया, हां मैं तुमसे हार गया
आंखो के अश्कों को, हृदय में उतार गया
वहम तुम्हारा पाला था जो मन में, मुझको मार गया
लब हुए खामोश अब, मेरा सारा सुर और ताल गया
सदियां तलाशता था तुममें, बचा जीवन का साल गया
गुमशुम मैं रहता हूं हरपल, तुम गई तो मेरा चांद गया
लम्हा लम्हा जीवन का, तुम पर ही गुजार गया
हां मैं तुमसे हार गया, हां मैं तुमसे हार गया !"


