"गुलाल उड़ाओ अबीर उड़ाओ, उड़ाओ रंग भरपूर

महादेव से भी होली खेलो, चढ़ाओ अबीर और धतूर


गले लगा लो प्रेम महका दो, यही हो हमारी दस्तूर

पीने के लिए भांग का प्याला, सबको कर दो मजबूर


अंग अंग में रंग भर दो, भूल जाओ क्या हो रहा कसूर

अति मनभावन अति लुभावन, हैप्पी होली सबको हुजुर


दूर से भी कोई देखे तुमको, सीने से जाकर लगा लेना

आई होली प्यारी होली कहकर, विरोधाभास मिटा देना !"