दूर बरगद की शीतल छाँव में ,फिर उदास बैठी हो किनारे गांव में's image
442K

दूर बरगद की शीतल छाँव में ,फिर उदास बैठी हो किनारे गांव में

दूर बरगद की शीतल छाँव में,
फिर उदास बैठी हो किनारे गांव में,

शायद याद हमारी आ रही होगी,
खुले केशों को तुम सजा रही होगी ,

Read More! Earn More! Learn More!