आई रे आई बसंत पंचमी खुशियां दिलों में ले आई,

हंस पर बैठ मां हंसवाहिनी आईं ,

पतझड़ ऋतू साथ ले आईं,

मांगो जी भर ज्ञान न चूको,

मौसम सुहाना जी भर देखो,

मन मनोहारी तन प्रफुल्लित है,

मानो लगता है स्वर्ग से कोई परी आई ,

आई रे आई बसन्त पंचमी आई खुशियां दिलों में ले आई ।

सुनिए धुन बीड़ा का सुनाई दे रहा,

आंखों से हंसता हुआ जग दिखाई दे रहा,

पुष्प गुच्छ से स्वागत करिये धरती पर हंसवाहिनी आईं,

आई रे आई बसन्त पंचमी आई खुशियां दिलों में ले आई ।


बसन्त पंचमी की बहुत बहुत बधाई ।