अब हमारी बात नहीं होती,
बिना तेरे सफर की शुरुआत नहीं होती,
आंखें न मिले तेरी आंख से तो दिन नहीं होता रात नहीं होती,
मायूस सा रहता हूं खुद में जबसे तुझसे बात नहीं होती,
बैठे रहते हैं साहिल पर लेकिन लहरों से मुलाकात नहीं होती,
बिना भीगे तेरे साथ लगता है बरसात नहीं होती,
चाहता हूं हर लम्हे गुजारूं साथ तेरे पर तू साथ नहीं होती,
अब हमारी बात नहीं होती !"


