मुझमें रुद्र कहां से आया's image
Poetry1 min read

मुझमें रुद्र कहां से आया

myselfshalabhmehtamyselfshalabhmehta December 31, 2022
Share0 Bookmarks 66785 Reads0 Likes


ना मैंने विषपान किया है

नहीं बाघ से वस्त्र बनाया

विस्मित हूं प्रतिबिंब देखकर

मुझमें रुद्र कहां से आया


किंचित क्रोध ना शोभा देता

शब्द बाण ने तरकश भेदा

पर कब तक अधर्म के आगे

आंख मूंदकर रहूं मैं बैठा

व्यर्थ हुए सारे विकल्प जब

माथे पर फिर नेत्र बनाया

विस्मित हूं प्रतिबिंब देखकर

<

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts