जल छीन लिया , रसहीन किया
जब रोया वह अश्रु बहाकर
आँखें कुरेद आँसू भी सब खींच लिया
क्या तुमने कभी उस प्यासे तालाब को देखा है?
पास के ही स्वीमिंग पुल में
कभी दरारें नहीं पडती
वह कभी जल को नहीं तरसता
क्योंकि वह ऊँचा उठा है
जमीन से उसके पैर नहीं छूते
ये जो कंक्रीट की ताकत है
उसने प्रकृति को भी बौना कर दिया है।
जब इन वंचित कुचले, अंधे तालाबों का गुट बनेगा,
एक दरार होगी जो, कंक्रीट को भी भेद लेगी
और कंक्रीट में पडी वह दरार
समुद्र सरीखे अनंत जल स्त्रोत वाले स्वीमिंग पुल को
पास के तालाब सा रसहीन कर देगी।


