हर कार्य से पहले सोचने और विचार-विमर्श करने में अत्यधिक समय खपाना भी अकर्मण्यता का प्रतीक है।

✍मुक्ता शर्मा त्रिपाठी
हिन्दी अध्यापिका 
श इं ज सिं स मि स्कूल कोटला शर्फ़, बटाला