अत्यधिक चिंता का विषय है कि आने वाली पीढ़ियाँ, खुदाई में मिले मोबाइलों को कौन से नेटवर्क से जोड़ कर हमारी देन या विकास को जान पाएंगी?
इसलिए आइए अपने बच्चों के बचपन में किताबों के भी बीज वपन करें!!
✍मुक्ता शर्मा त्रिपाठी
हिन्दी अध्यापिका
श इं ज सिं स मि स्कूल कोटला शर्फ़, बटाला


