Poetry 1 min read 180.5K reads

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तिनके का जब यार सहारा हो जाता हैदरिया का फिर पार किनारा हो जाता है

रूठ के जाने वालों से बस ये कहना हैख्वाबों से भी यार गुज़ारा हो जाता है

Author : dr mukesh nausran31/01/2026

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