मेरी ख़्वाहिश है जल्दी सीख लो चलना मेरे बच्चोन जाने कब कोई तूफ़ाँ उठे सब ख़ाक हो जायेजिधर देखो उधर मंज़र तबाही का नज़र आयेहमारा शहर भी फिर आलम-ए-वीरान हो जाये
मेरी ख़्वाहिश है जल्दी सीख लो चलना मेरे बच्चोन जाने कब कोई तूफ़ाँ उठे सब ख़ाक हो जाये
जिधर देखो उधर मंज़र तबाही का नज़र आयेहमारा शहर भी फिर आलम-ए-वीरान हो जाये