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Poetry


वो साफ़ लफ़्ज़ो में कह चुका हैवो मेरे दिल का मकीं नहीं है

उसे भी निस्बत है मुझसे लेकिनउसे मेरा अब यक़ी नहीं है

dr mukesh nausran24/02/2025

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