——मिलकर पेड़ लगायेंगे——

धरती पर कंकरीट बिछा दी

अन्न कहाँ  उपजायेंगे

अम्बर में बारूद भर दिया

साँस कहाँ से लायेंगे

आने वाली नस्लों को हम

क्या सिखला कर जाएँगे

अगला युद्ध पानी पर होगा

ये बतलाकर जाएँगे


हरियाली हरियाली होगी

आओ क़समें खाते है

आने वाले दस वर्षों में

इतने  पेड़  लगायेंगे

फिर न कोई पानी की क़िल्लत

न साँसों को तरसेगा

ख़ुशियाँ बरसेंगी दामन में

मिलकर जश्न  मनायेंगे

आओ हम सब  फिर से 

मिलकर पेड़ लगायेंगे

Dr mukesh nausran 

21/04/2024