दिल की लगी फिर बुझायी गयी हैकिश्तों में हमसे रसाई गयी हैवो रात कैसे गुज़ारी है हमनेगुज़री नहीं है गुज़ारी गयी हैरोये है कितनी दफ़्'अ क्या बतायेतेरे इश्क़ में बीनाई गयी हैcomposer: dr mukesh nausran16/03/2024
दिल की लगी फिर बुझायी गयी हैकिश्तों में हमसे रसाई गयी है
वो रात कैसे गुज़ारी है हमनेगुज़री नहीं है गुज़ारी गयी है
रोये है कितनी दफ़्'अ क्या बतायेतेरे इश्क़ में बीनाई गयी हैcomposer: dr mukesh nausran16/03/2024