Poetry 1 min read 598.8K reads

Poetry


दिल की लगी फिर बुझायी गयी हैकिश्तों में हमसे रसाई गयी है

वो रात कैसे गुज़ारी है हमनेगुज़री नहीं है गुज़ारी गयी है

रोये है कितनी दफ़्'अ क्या बतायेतेरे इश्क़ में बीनाई गयी हैcomposer: dr mukesh nausran16/03/2024

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