Poetry 1 min read 612.2K reads

Poetry


फ़क़त अपने लफ़्जो की परछाईंयों मेंलिखूँगा तुम्हें दिल की गहराइयों मेंसमा’अतों में इतना घुला हूँ तुम्हारीमुझे गुनगुनाओगी तनहाइयों मेंcomposer: dr mukesh nausran03/03/2024समा’अतों..सुनने की शक्ति

Read more Earn more Learn more