घड़ी के पेंडुलम सा है इश्क़ उनकाकभी इधर तो कभी उधर हुआ हैअदा क़ातिल मेरे महबूब की हैकभी करम तो कभी सितम हुआ हैcomposer: dr mukesh nausran25/02/2024
घड़ी के पेंडुलम सा है इश्क़ उनकाकभी इधर तो कभी उधर हुआ है
अदा क़ातिल मेरे महबूब की हैकभी करम तो कभी सितम हुआ हैcomposer: dr mukesh nausran25/02/2024