इतनी बेताबी भी ठीक नहीं,

थोड़ा धीरे से,

आगे बढ़ना भी ठीक ही है।

क्यूँकि कभी-कभी,

एका-एक बारिश भी,

रेगिस्तान में बाढ़ ला देती है॥


………..मुकेश..