*योग दिवस*

(योगः कर्मसु कौशलम्)   


जन्म दिवस मातृ- पितृ दिवस ........

है सब दिन विशेष ..........

खास दिवस योग दिवस 

इन सब से ऊपर आता हैं.....

11 दिसंबर 2014 को राष्ट्र महासभा ने अलख जगाई .........

 21 जून को समूचे विश्व को योग दिवस बनाने की प्रण दिलाई...

योग का भारत से गहन नाता है....

स्वामी विवेकानंद ,पंतजलि इसके निर्माता है .................

नाम से ही स्पष्ट .........

जुड़ना और अनुशासन लाए ........

स्वस्थ दिनचर्या बनाएं ..........

योग जीवन जीने का विज्ञान है.....

समस्त बीमारियों का समाधान है ....

तनाव-समस्या भगाकर आत्मविश्वास जगाता है ...........

यूं तो योग के अनेक प्रकार ..

राज ,जन, भक्ति , कर्म , हस्त अनेक इसके नाम ...........

परंतु हठयोग का मनुष्य से गहरा नाता है .......

ताड़ासन,धनुषासन ,भुजांगासन कपालभाति ,अनुलोम -विलोम सब आपस में भ्राता है.....

अष्टांग योग का दूसरा नाम राजयोग कहलाता है....

यम ,नियम, आसन ,प्राणायाम ,प्रत्याहार बहिरंग में आते हैं........

धारणा ,ध्यान ,समाधि ,अतरंग का ध्यान‌ दिलाते हैं.......

योग ही जीवन में सुख समृद्धि लाता है .समस्त बीमारियों को दूर भगाता है।