पूछ लेना आपका मेरी खैरियत,ḷ
मेरे चेहरे पर खुशी लाता,
आपके मुख से निकले कुछ लफ्ज़ ही
मुझे संपूर्णता का अहसास दिलाते,
मेरे पिता स्वरुपी भाई को यहीं दुआ हैं
रिश्तों की यह डोर मजबूत हों,
मेरा भाई भगवान कृष्ण के जैसे
रण के इस मैदान  में,
निर्भीक योद्धा की तरह मजबूत रहें ,
हर विकट परिस्थिति  में चेहरे पर फूलों जैसी
खिलखिलाती मुस्कान रहें ,
आपके हर कार्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का
यश, सम्मान,प्रतिष्ठा चहुंमुखी और 
इस संसार में रहें।।
         Sumitra "Anamika"✍