कहने से पहले मन को समझो,

पर मन को समझाना मुश्किल है ;

कब क्या बात लगे किस मन को

कुछ भी कह पाना मुश्किल है;

कब बन जाए शब्द शूल

कर जाए हृदय पर आघात;

कब बन जाए शब्द अश्रु

बह जाए उनमे मन का विलाप;

कब बने शब्द मन की पीड़ा 

या बन जाए पीड़ा का निदान,

कह पाना कुछ भी मुश्किल है;

कहने से पहले मन को समझो,

पर मन को समझाना मुश्किल है।