शिकायत तुमसे करूं किस बात कीहो तुम ही दवा मेरे जज्बात की,अगर मैं नहीं तेरे मन में, तेरी बातों मेंजिरह मैं करूं फिर तुमसे किस बात की....
शिकायत तुमसे करूं किस बात कीहो तुम ही दवा मेरे जज्बात की,
अगर मैं नहीं तेरे मन में, तेरी बातों मेंजिरह मैं करूं फिर तुमसे किस बात की....