इश्क़ करने की मुझको सज़ा क्यों देते हो,मिलती है नज़र तो चुरा क्यों लेते हो,कोई खता हो गयी है तो कह कर बता दो,कुछ न कहते हो और मुस्करा भी देते हो।
इश्क़ करने की मुझको सज़ा क्यों देते हो,
मिलती है नज़र तो चुरा क्यों लेते हो,
कोई खता हो गयी है तो कह कर बता दो,
कुछ न कहते हो और मुस्करा भी देते हो।