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#48


इश्क़ करने की मुझको सज़ा क्यों देते हो,

मिलती है नज़र तो चुरा क्यों लेते हो,

कोई खता हो गयी है तो कह कर बता दो,

कुछ न कहते हो और मुस्करा भी देते हो।

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