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यादें


शाम के गलियारों मेंकुछ यादें लिए,तमन्नाओं की उस दुनिया मेंचलते गये,ना पाने की खुशी न खोने का गम है,बस चंद लम्हों की बात है,वो शाम फिर से आएगीमेरी खुशियों को साथ लिए,फिर से वो यादें खिलेंगी

— रुचि
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