'सोच के समंदर' में बड़ी दूर जा रहा था 

गहराइयों में उतर गया गोते लगा रहा था


तेरे लफ़्जों ने मोह से फंसा कर फिर बचाया मुझे

खींच लिया है किनारों पर मैं तो डूबा जा रहा था

❤❤❤


~सुरेश 'सागर'