हाथों के छूट जाने से साथ छूट जाया नहीं करते

रास्तों के बदलने से पते यूँ बदल जाया नहीं करते

ये रिश्ता है दिल से दिल तक की गहराई का

जरा सी हलचल से एहसास मिट जाया नहीं करते


मेरे हालात और हैं तेरे हालात और हैं

यूँ हालातों के हवालों से बेहाल हो जाया नहींं करते

बेशक खामोशी से दूरियाँ बढ़ जाया करती हैं

मगर बात न होने से सम्बन्धों के तार टूट जाया नहींं करते


तुम्हारी याद के साये मुझ पर है बादल से छाए

इनके छंट भी जाने से ताल्लुक खत्म हो जाया नहीं करते

सफर है और भी लम्बा हमें तो साथ चलना है

रास्ते की मुश्किलों से कभी घबराया नहीं करते


~सुरेश 'सागर'