फूलों से भी जो घायल हो जाते हैं,
उनके जख्म हमें पागल कर जाते हैं,
ऐसे महबूब को क्या कहना...
मरहम मलें तो भी कातिल कहलाते हैं।
~सुरेश 'सागर'


फूलों से भी जो घायल हो जाते हैं,
उनके जख्म हमें पागल कर जाते हैं,
ऐसे महबूब को क्या कहना...
मरहम मलें तो भी कातिल कहलाते हैं।
~सुरेश 'सागर'