दुःखहारी सुखकारी जगहितकारी हो तुम, दुष्ट विनाशक पाप नाशक सृष्टि पालनकारी हो तुम, जन्म एवं मृत्यु रहस्य हैं जिसके, ऐसे जगस्वामी भोले भण्डारी हो तुम। जलंधरतारक विषधारी त्रिनेत्रधारी हो तुम, भोला रूप प्रसन्न स्वरूप क्रोधधारी भी हो तुम, नाग, चंद्र, गंग आभूषण हैं जिसके, ऐसे त्रिकालदर्शी शंकर बलधारी हो तुम। अधर्म भस्मकारी महादेव डमरूधारी हो तुम, ताण्डव नृत्यकर्त्ता कैलाश निवासी त्रिशूलधारी हो तुम, प्रेत, भांग, भस्म, अंग हैं जिसके, ऐसे महाकाल महेश्व़र रुद्रधारी हो तुम।।