वकालत की डिग्री भी नही है और
मुकदमा भी है किसी “अमीर” का
मगर है “सत्ता से “दौलत तक की
हनक इस फर्जी “वकील” का....!
अब अदालत भी सुनती है दलील
ऐसे ही किसी “तगड़े” वकील का
जिरह कहाँ करते हैं जज विपक्ष से
फैसले दबाव में देते गुंडे वजीर का!
अब सरकारों का भी बचाव होता है
सायद गिरवी रख अपने वजूद का
जज साहब को कहां फुर्सत ये कह
फेक देते फाइल बेसहारे गरीब का.!!
@mprabhat81


