बड़े ही मन्नत से तुम्हें मांगा है
“प्रेम, मंदिर” तुम्हें ही माना है
मगर खुदा को सायद ये “मंजूर” नहीं है
तुम्हारे माँग मे मेरे नाम का सिंदूर नहीं है !!
@mprabhat81


बड़े ही मन्नत से तुम्हें मांगा है
“प्रेम, मंदिर” तुम्हें ही माना है
मगर खुदा को सायद ये “मंजूर” नहीं है
तुम्हारे माँग मे मेरे नाम का सिंदूर नहीं है !!
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