जीत और हार के वैभव मेंअपने आप को रोकता, कौन हैमूर्ख मानव ही तो, उसकेअलावा पाताल सोखता कौन है !!
जीत और हार के वैभव मेंअपने आप को रोकता, कौन है
मूर्ख मानव ही तो, उसकेअलावा पाताल सोखता कौन है !!