जीत सका न तुम्हें न जीतने की चाहत है
आँख लग गई मुझे अब, सोने से राहत है
चले जाओ तुम्हें जहां, कहीं भी जाना हो
महताब बदलना तुम्हारी पुरानी आदत है !!
@mprabhat81


जीत सका न तुम्हें न जीतने की चाहत है
आँख लग गई मुझे अब, सोने से राहत है
चले जाओ तुम्हें जहां, कहीं भी जाना हो
महताब बदलना तुम्हारी पुरानी आदत है !!
@mprabhat81