कोई “हिम्मत करके कितना चले
जब रास्ते ही उसके खिलाफ़ चले
जिनसे अदावत उनसे बगावत चले
ए जिंदगी तेरे हक कोई इनायत चले !!
@mprabhat81


कोई “हिम्मत करके कितना चले
जब रास्ते ही उसके खिलाफ़ चले
जिनसे अदावत उनसे बगावत चले
ए जिंदगी तेरे हक कोई इनायत चले !!
@mprabhat81