ख़ुशी जहां ठहरती उत्सव करती है
दुख जहां ठहरता 'मातम करता है
घृणा जहां ठहरती नफ़रत करती है
पाप जहां ठहरता विनाश करता' है !!
@mprabhat81


ख़ुशी जहां ठहरती उत्सव करती है
दुख जहां ठहरता 'मातम करता है
घृणा जहां ठहरती नफ़रत करती है
पाप जहां ठहरता विनाश करता' है !!
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