बरस दर बरस दर्द' ए सितम बीता कर

न जी सका न मर सका तुम्हें भूला कर

तुम्हें क्या पता दिल ए मोहब्बत क्या है

लोग मर जाते हैं' कलेजा, निकाल कर !!


@mprabhat81