अमर हुआ है आज देखो ये जमाना

मर रहा है जिसको है भूख मिटाना

सिंहासन इन्हे हिकारत से देखती है मगर

चुनाव आते ही अमर हो जाता अफ़साना

मत्था टेकते, सिर पाँव दंडवत होते लिए

वादों का अनमोल सोने सा पिटारा

पल भर के लिए इनके पैरों में है खजाना

भूल जाते हैं जैसे गया चुनाव का जमाना !!


@mprabhat81