अब तो जीना भी “आसान” नही रहा..

अब दर्द के हाथ, गिरेबा तक आने लगे हैं !


अब गरीबों से कोई बात नहीं करना चाहता

अब सब अमीरों के घर शीश झुकाने लगे हैं..!



@mprabhat81