मैने अपनी इच्छाओं का बोझअपने कंधो से उतार करअपनी कविता के शब्दोंमें उकेर दियामैंने भी खुल कर साँस लीऔर कविताओं में भी जान आगयीइस तरह हम दोनों बन गएएक दूजे के जीवन साथी
मैने अपनी इच्छाओं का बोझअपने कंधो से उतार करअपनी कविता के शब्दोंमें उकेर दिया
मैंने भी खुल कर साँस लीऔर कविताओं में भी जान आगयी
इस तरह हम दोनों बन गएएक दूजे के जीवन साथी