Whenever I go for morning walk I get entranced by the beauty of sky. View of flock of birds flying in the sky is completely breathtaking. Sight of their dance in the heavens replenishes me with new energy. Composed a poem today on the whole experience. 


पक्षियों की ऊँची उड़ान

उगते हुए सूरज के साथ

क्या है ये प्रकृति का राज़

जो जगते हैं ये एक साथ

पर फैलाये मस्ती में उड़ते

कभी झुंड में तो कभी अकेले

कितने उत्सुक, मन को भाते

ये छोटे पर प्यारे परिंदे

सवेरे सवेरे इनका अवलोकन

जीने का जैसे मिला प्रयोजन

बीती रात कौन याद रखे

जब प्रातः दिखें ऐसे नज़ारे

यूँ ही नहीं ये करते विचरण

छिपा हुआ कोई गहरा कारण

अपनी ही कोई बोली इनकी

बस सुनते ही मिल जाती तृप्ति

कौन जाने पँख लगाये

देवदूत खुद आकाश से आते