दर्द भी ज़रुरी है रुह के लिए
ज़ख़्म भी ज़रुरी है जिस्म के लिए
नफ़रत भी ज़रुरी है दिल के लिए
बहुत देर तक सोचना भी ज़रुरी है, ज़हन के लिए
तड़पना भी ज़रुरी है, किसी से मिलने के लिए
हारना भी ज़रुरी है, आने वाली जीत के लिए
मायूस होना भी ज़रुरी है ,आने वाली ख़ुशी के लिए
पीछे रह जाना भी ज़रुरी है , फिर से आगे बढ़ने के लिए
सपने टूटना भी ज़रुरी है, नए सपने देखने के लिए
दिल टूटना भी ज़रुरी है, फिर से किसी दूसरे को अपना बनाने के लिए
कुछ देर के लिए आंखें बंद कर लेना भी ज़रुरी है, फिर से आंखें खोल कर कुछ अच्छा देखने के लिए
बैठ जाना भी ज़रुरी है, फिर से उठकर खड़े होने के लिए
रुकना भी ज़रुरी है, फिर से चलनेे के लिए
किसी से धोखा मिलना भी ज़रुरी है, फिर से विश्वास करने के लिए
भूखे रहना भी ज़रुरी हैै अच्छा खाने के लिए
जागना भी है ज़रुरी है अच्छी नींद आने के लिए
सब कुछ ज़रुरी है ज़िंदगी जीने के लिए।
