मन मेरा बादल है…

मन मेरा बादल है,

ख़ूबसूरत, सफ़ेद, निष्कलंक, रुई के फाहे सा कोमल,

खुले आसमान में भागता है इधर-उधर,

ना कोई मंजिल तय करनी है, ना कोई जल्दबाज़ी है,

 ना जाने किस ओर चल पड़ता यह पागल है,

मन मेरा बादल है।

खु़श रहता, फुदकता चला जाता है,

मस्त पवन की डोर से बंध जाता है,

प्यार से जो बुला ले, उसके मीठे शब्दों का कायल है,

मन मेरा बादल है।

जिसे ज़रूरत उसके पास चला जाता है, 

हल्की सी बौछार कर सबका हमदम बन जाता है,

भोला भाला यूं तो हमेशा मुस्कुराता है,

ग़र गुस्से में हो तो घनघोर बारिश के आंसू बहाता है ,

 कभी-कभी लगता दर्द से घायल है,

मन मेरा बादल है।