ख़्वाबों का सफ़र
चलो एक सफ़र पर निकलते हैं,
ख़्वाबों को पूरा करने के रास्ते पर चलते हैं।
रास्ते में तिलिस्म मिलेगा,
तिलिस्म का मोह रुकने को कहेगा,
जादुई दुनिया में सब कुछ आसान लगेगा,
नज़रअंदाज कर तुम उसे आगे बढ़ जाना,
तभी तो तू मुकद्दर का सिकंदर बनेगा।
चलो एक सफ़र पर निकलते हैं,
ख़्वाबों को पूरा करने के रास्ते पर चलते हैं।।
रास्ते में मुश्किलों से भरा आग का दरिया मिलेगा,
छलावे की नाव लेकर,
उसे पार लगाने का झांसा देता,
बुराई का पुतला दिखेगा,
नज़रअंदाज कर उसको तुम दरिया में उतर जाना,
उसकी गहराई में तैरकर ही तो तू अच्छा तैराक बनेगा,
चलो एक सफ़र पर निकलते हैं,
ख़्वाबों को पूरा करने की राह पर चलते हैं।।
रास्ते में एक जिन्न मिलेगा,
हुकुम मेरे आका झुककर कहेगा,
तुम्हें आराम देकर ख़ुद काम करने को कहेगा, नज़रअंदाज कर उसको तुम अपना काम ख़ुद ही कर लेना,
वरना वह तुम्हें आलसी बना कर,
जीवन भर के लिए तुम्हें निकम्मा करेगा,
और फिर तू कैसे ताकतवर और लंबी रेस का घोड़ा बनेगा।
चलो एक सफ़र पर निकलते हैं,
ख़्वाबों को पूरा करने की राह पर चलते हैं।।


