एक बार फिर जोड़ रहा है वो मुझेएक बार फिर तोड़ने की मंशा रखकर!!!जीस़्त में हर पल रखना चाहता है वो मुझेहर पल बिछड़ने की शंका रखकर!!!
एक बार फिर जोड़ रहा है वो मुझेएक बार फिर तोड़ने की मंशा रखकर!!!
जीस़्त में हर पल रखना चाहता है वो मुझेहर पल बिछड़ने की शंका रखकर!!!