
कुचल दिया सम्मान को
तहस नहस शरीर था
मार कर मासूमियत
तू कौन सा समाज था
नाम न ले पाये अब
जिह्वा को कलम किया
क्रूर हर प्रहार से
तू कौन सा समाज था
जला दिया बुझा दिया
नामो-निशां मिटा दिया
हैव
Read More! Earn More! Learn More!

कुचल दिया सम्मान को
तहस नहस शरीर था
मार कर मासूमियत
तू कौन सा समाज था
नाम न ले पाये अब
जिह्वा को कलम किया
क्रूर हर प्रहार से
तू कौन सा समाज था
जला दिया बुझा दिया
नामो-निशां मिटा दिया
हैव