मेरे दिन रात अब वीराने हो गये

जबसे तुम मुझसे बेग़ाने हो गये

न ख़बर कोई न तेरा पता अब

रिश्तों से कैसे किनारे हो गये

तकती हैं नज़रें हर पल तेरी राहें

तुझे देखे भी अब ज़माने हो गये

ख़ुदा करे तेरी बसर हो खुशियों में सदा 

इल्म है हम तेरे लिए अब पराए हो गये