दोराहे पर ........
मां और पत्नी के बीच
कौन सा कर्तव्य चुनूं
ऐसी भी घड़ी आनी थी
आज किससे यह बात कहूं
असमंजस में हूं
कुछ सूझता ही नहीं
मैं किस किस को समझाऊं
और किस किस की सुनूं
मेरी विफलता है निश्चित ही
जो इस दोराहे पर खड़ी हूं
न कुछ करते बनता है
ग़र कहूं भी तो क्या कहूं
@Kavishala_Hindi

