मेरी सांसे चलती हैं तेरे नाम से
मेरा जिस्म महकता है तेरे नाम से
तेरे लिए ही तो श्रृंगार करती हूं
ये तेरे मेरे बेइंतहा मुहब्बत की कहानी है
मेरी चादर की सिलवटें
तेरे प्यार की निशानियां
जो काटीं हैं जागकर रात भर
ये उस रात की बेइंतहा कशिश की कहानी है
तुमसे लिपट कर सोना
बाहों का तकिया बाहों का ही बिछौना
खट्टी मीठी बातें कभी नाराज़ भी
ये उस बेइंतहा चाहत की कहानी है

