शनै: शनै: प्रयास रख

तेरा भी वक्त आएगा

जो खुद से जीत जाएगा

तू खुद ही जीत जाएगा

यहाँ वहाँ यदा कदा

तेरा मेरा को छोड़ दे

रोकती जो आँधियाँ

उन आँधियों को मोड़ दे

तू अपना रास्ता पकड़

और उसपे खुद को झोंक दे

हार भी ना मान तू

ले पहले खुद को जान तू

करम ही है तेरा धरम

मिटा दे सारे अब भरम

तेरी प्रतिभा की अब

चल पड़ी बयार है 

न आदि है न अंत है

अनंत है अपार है 

नाम स्वर्णिम अक्षरों में 

तेरा भी लिक्खा जाएगा

शनै: शनै: प्रयास रख

जो होगा देखा जाएगा 

जो खुद से जीत जाएगा

तू खुद ही जीत जाएगा,


सुन ले अपनी मंजिलों को

चाहना तू इस कदर

कि खुद ही पहुँचे बाखबर

हो इस डगर या उस डगर

तमस मिलेंगे राह में

हाथ में मशाल रख

चला गया चला गया

ना भूत का मलाल रख 

वो कल नहीं था आज है

ये आज है वो कल नहीं

ये आज कल का दौर है

फिर लौटकर ना आएगा

शनै: शनै: प्रयास रख

तेरा भी वक्त आएगा

जो खुद से जीत जाएगा

तू खुद ही जीत जाएगा,


होंगी सौ वजह तेरी

हाँ मानने को हार की

बस इक वजह ही चाहिए

ना मानने को हार की

इधर उधर जहाँ तहाँ

तू देखेगा जिधर जहाँ

तू खुद ही खुद को पायेगा 

खुद को पा गया जो तू 

तो खुद ही जीत जाएगा 

शनै: शनै: प्रयास रख

तेरा भी वक्त आएगा

जो खुद से जीत जाएगा

तू खुद ही जीत जाएगा |