" आयी सुबह यह नई सुहानी , 


उठ जाओ सारे संसार के प्राणी , 


तरक्की बुला रही हैं बांह पसारे , 


अब तुम भी जागो मोहन प्यारे , 


नए ध्येय पर तुम साधो निशाना , 


भूल जाओ सब बीता हुआ पुराना , 


नई सुबह पर कुछ करो नया निश्चय , 


दो दुनियाँ को तुम अपना परिचय ! "


~~~~~~ मोहनसिंह